मध्य प्रदेशसतना

भ्रष्टाचार की परिकाष्ठा में डूबा मैहर का राजस्व विभाग- प्रभात दिवेदी

भ्रष्टाचार की परिकाष्ठा में डूबा मैहर का राजस्व विभाग- प्रभात दिवेदी

मध्य प्रदेश शासन की भूमि को कराया निजी

कमिश्नर,कलेक्टर,मैहर एसडीएम से की लिखित शिकायत

मैहर से संभागीय ब्यूरो बद्री पाठक की रिपोर्ट

मैहर। मैहर सीमेंट में स्थापित सीमेंट कारखाने स्थानीय दलालों की रोजी रोटी का माध्यम बन गए हैं। फैक्ट्री के तराई इलाकों से लगी तमाम सरकारी आराजी को स्थानीय दलालों द्वारा राजस्व अमले की सहमति से कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर निजी स्वामित्व में करा दी जाती है जिसे बाद में फैक्ट्री को करोड़ों रुपए में बिक्री कर दिया जाता है। मामला नया नहीं बल्कि एक दशक पूर्व से मैहर क्षेत्र में इस तरह की अंधेर गर्दी देखी जा रही है लेकिन सत्ता से संरक्षण प्राप्त नुमाइंदों की आदत में जरा भी सुधार नहीं हुआ ।

ऐसा ही एक मामला मैहर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राजस्व मंडल भदनपुर के देवरी हल्का के ग्राम पिपरहट का है जहां मध्यप्रदेश शासन की आराजी नंबर 25 एवं 26 मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज थी। लेकिन बाद में यह आराजी अरुण पिता नाथू चमार पता सिहोरा के नाम दर्ज करा दी गई ।उसके बाद 2022 /23 में अरुण पिता नाथू ने उस जमीन को सोमनाथ पिता जगदीश राय पता इमलाई ढीमरखेड़ा कटनी मध्य प्रदेश को बिक्री कर दिया । आराजी क्रमांक 25/26 मैहर सीमेंट की माइंस में आती है जिसका करोड़ों रुपए में फैक्ट्री द्वारा क्रय करने का सौदा भी किया जा रहा है। ऐसे ही कई दर्जन मामले भदनपुर पहाड़ क्षेत्र में हैं जो आए दिन प्रकाश में आते रहते हैं तथा राजस्व अमले के कर्मचारी एवं स्थानीय भूमाफिया दस्तावेजों में हेरफेर का खेल खेल रहे हैं और सीमेंट उद्योगों से मोटी रकम वसूल कर रहे हैं।

कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी दद्दा ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए कमिश्नर रीवा ,जिला कलेक्टर, एसडीएम मैहर को इस आशय का पत्र लिखकर संबंधित आराजी की तहकीकात किए जाने की मांग की है ।श्री द्विवेदी ने कहा है कि मैं हर क्षेत्र में शासकीय आराजी को निजी स्वामित्व में किए जाने का यह मामला पिछले एक दशक से बदस्तूर जारी है ,जिसमें राजस्व अमला भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबा हुआ है ।सब कुछ जानते हुए भी सत्तासीन एवं जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं जो चिंता का विषय है।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लगातार समाचार पत्रों के माध्यम से भदनपुर पहाड़ क्षेत्र में अनेक राज्यों को खुर्द बुर्द किए जाने का मामला प्रकाश में आता रहता है। लेकिन हैरानी की बात है लोक हित की बात करने वाले जवाबदार एवं सरकार का नमक खाने वाले नुमाइंदों ने मामले को कभी गंभीरता से नहीं लिया। इससे सिद्ध होता है कि न केवल दाल में काला है बल्कि भू माफियाओं की सांठगांठ में राजस्व अमले का संपूर्ण हाथ है। इस सनसनीखेज मामले पर न्यायोचित कार्यवाही के लिए जिला कलेक्टर से अपेक्षा की गई है।

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