कीर्तिमान कवि सम्मेलन में जमकर झूमे श्रोता

(मैहर से संभागीय ब्यूरो बद्री पाठक की खास खबर)
मैहर अखिल भारतीय कीर्तिमान कवि सम्मेलन रविवार तड़के तक उत्कृष्ट विद्यालय प्रांगण में चला। काव्य संध्या ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया तो व्यंग्य के कलमकारों ने देश की व्यवस्था पर करारा व्यंग्य कर सोचने को मजबूर किया।कवियों के मंच संभालने तक पूरा मैदान खचाखच भर गया। आयोजन की शुरुआत हुई और कवियों ने जब हास्य की कविताएं पढ़ी तो हंसी के ठहाके गूंजे। जब किसी खास मुद्दे पर चुटकियां ली और कोई गंभीर बात कही तो वाह-वाह की गूंज हुई। पूरा समय इसी तरह बीता और सभी ने इसका लुत्फ उठाया। मुख्य अतिथि सांसद गणेश सिंह रहे। विशिष्ट अतिथि के तौर पर भाजपा नेता संतोष सोनी उपस्थित रहे। संयोजक डॉ. कैलाश जैन और प्रारंभिक संचालन सतीश मिश्रा ने किया। कवियत्री सुमन दुबे ने गीत शारदे वर दे, ज्ञान गुण स्वर से मेरी झोली को भर दे से मां वीणापाणि की वंदना की। कोटा से आए अर्जुन अल्हड़ ने अपने हास्य व्यंग से लोगों को खूब हंसाया। जीवन की आपा धापी में हम हंसना क्यों भूल गए और गीदड़ से क्यों भय खाते हो, शेर का तुम आखेट करो को लोगों ने खूब सराहा। शाजापुर से आए दिनेश देसी घी ने अपनी पैरोडी से श्रोताओं को खूब हंसाया। तेरी पलक झपकी की गुण्डों की गाड़ी टपकी, कुछ नया ढंग हो कुछ नई बात हो’ पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाई। बाराबंकी से आए गीतकार गजेंद्र प्रियांशु ने अपने गीतों से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। हुए मोती खफा मुझसे जो मैंने सीपियां तो, मेरे छत पर ,राह न यूं बदलो अपनी ,कहीं प्रशंसा कहीं से ताली ,चुनरी ध्वजा सी लहरा रही है, इतने निर्मोही कैसे सजन हो गए, नागफनियों की गली में फूल का व्यापार मेरा पर श्रोताओं ने खूब तालियां बजाईं। कानपुर से आई सुमन दुबे ने अपने श्रृंगार के गीतों से खूब तालियां बटोरी।
धार से आए हास्य व्यंग के कवि ज्ञानी बैरागी ने काव्य प्रेमियों को खूब हंसाया। लखनऊ से आई कविता तिवारी ने अपने चिर परिचित अंदाज में ओज की कविताएं पढ़ीं। मिटा कर के हर व्यवधान मेरे शब्द बोलेंगे, राष्ट्रभक्ति का दीप जलाना सब को अच्छा लगता है को श्रोताओं ने खूब सराहा। काव्य मंच का संचालन कर रहे देवास से आए शशिकांत यादव ने श्रोताओं को रातभर रुकने को मजबूर कर दिया।
इनका हुआ सम्मान
कीर्तिमान की 42वीं प्रस्तुति में सुश्री कविता तिवारी एवं सुश्री सुमन दुबे का कीर्तिमान के मंच पर सम्मान किया गया। विगत 42 वर्ष से अखिल भारतीय स्तर का कवि सम्मेलन आयोजित कराने पर संस्था के संयोजक डॉ. कैलाश जैन का सम्मान भी इस अवसर पर हुआ। इस अवसर पर पूर्व मंडी अध्यक्ष संजय राय, नितिन ताम्रकार, रमेश पाण्डेय, जयंत जैन, जितेश जैन, कैलाश शर्मा, अनंत सोनाकिया, अमरनाथ पाण्डेय, संतोष सोनी, सत्यभान सिंह,मनोज तिवारी आदि काफी संख्या में प्रबुद्ध जन मौजूद रहे।
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