
कलम की स्याही से कुछ ऐसा शोर मचाना है
गूंगों की आवाजों को बहरों तक पंहुचाना है
कीर्तिमान कवि सम्मेलन की 42वीं प्रस्तुति 22 को
(मैहर) विंध्य में सांस्कृतिक विरासत के संवाहक के रूप में स्थापित नगर की साहित्यिक, सांस्कृतिक संस्था कीर्तिमान अपने लगातार आयोजित होने वाले कवि सम्मेलनों के लिए पूरे देश में जानी जाती है। देश में कवि सम्मेलन के ऐसे बिरले आयोजन होंगे जो श्रंखलामय रहे हों। इस आयोजन के संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संस्था के संयोजक सचिव डॉ के सी जैन ने बताया कि कीर्तिमान की 42वीं प्रस्तुति का आयोजन 22 अप्रैल शनिवार को उत्कृष्ट विद्यालय प्रांगण में होगा। संस्था के संयोजक सचिव डॉ. कैलाश जैन से मिली जानकारी के अनुसार कीर्तिमान की 42वीं प्रस्तुति में देश के जाने माने कवि, गीतकार अपनी रचनाएं पढ़ेंगे।
शीर्षस्थ कवि दे चुके हैं प्रस्तुति
पिछले 41 वर्षों में कीर्तिमान के मंच पर देश के जाने-माने कवि गीतकार शिरकत कर चुके हैं। विगत 38 वर्षो पर यदि गौर करें तो गोपालदास नीरज, संतोष आनंद, सोम ठाकुर, आत्म प्रकाश शुक्ल, बालकवि बैरागी, डॉक्टर कुंवर बेचैन, चंद्रसेन विराट, डॉ. विष्णु सक्सेना, एकता शबनम, इंदिरा इंदु, मधुमिता शुक्ला, डॉ. ममता शर्मा, कीर्ति काले जैसे नामचीन गीतकार मंच की शोभा बढा चुके हैं। वहीं नामचीन शायरों में राहत इंदौरी, डॉक्टर सागर आजमी, वसीम बरेलवी, कुंवर जावेद, अंजुम रहबर, सबीना अदीब की प्रस्तुतियां हो चुकी हैं। वीर रस के बडे नाम हरिओम पवार, विनीत चौहान, आशीष अनल व हास्य व्यंग के शैल चतुर्वेदी ,निर्भय हाथरसी, डॉक्टर केपी सक्सेना जैसे मूर्धन्य कवियों की प्रस्तुतियां हो चुकी हैं।
खूब जमेगा रंग-
कीर्तिमान की 42 वीं प्रस्तुति जहां एक ओर वाचिक परंपरा को समृद्घ करेगी, वहीं हिंदी उर्दू की गंगा जमुनी संस्कृति भी पल्लवित होगी। इस बार देश के शीर्षस्थ गीतकार सुश्री सुमन दुबे कानपुर, डॉक्टर कविता तिवारी लखनऊ, गजेंद्र प्रियांशु बाराबंकी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे, वहीं हास्य व्यंग के कवि जानी बैरागी धार, दिनेश देशी घी शाजापुर, अर्जुन अल्हड़ कोटा श्रोताओं को लोटपोट करेंगे, मंच का संचालन जाने-माने ओज कवि शशिकांत यादव द्वारा किया जाएगा।
8 बजे से होगी काव्य वर्षा-
क्षेत्र के श्रोताओं की शिकायतों के मद्देनजर इस बार समय में थोड़ा संशोधन किया गया है। कीर्तिमान के आयोजक डॉक्टर कैलाश जैन ने बताया कि विगत वर्षों में रात थोडा देर से कवि सम्मेलन की शुरुआत होती थी, लेकिन इस बार लगभग 2 घंटे पहले रात्रि 8 बजे से ही आयोजन प्रारंभ हो जाएगा। इसके लिए उन्होंने सभी श्रोताओं से समय पर पहुंचने का आग्रह भी किया है।
(मैहर से बद्री पाठक की रिपोर्ट)
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