भैंसदेही रेंजर फिर विवादों में, फारेस्टर ने लगाए मारपीट के आरोप, जिला अस्पताल इलाज के लिए पहुंचा वनकर्मी

बैतूल अनिल दवन्डे। भैंसदेही रेंजर अमित चौहान और वि का चोली दामन सा नाता है। यही वजह है कि वह लगातार सुखि रहते है। चाहे अधीनस्थ कर्मचारियों को घर मे घुस कर मारपीट का मामला हो या फिर ग्रामीण की पिटाई का। इन सब के ब रेंजर पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई हैं। जिला अस्पत इलाज कराने पहुंचे भैंसदेही रेंज के फारेस्टर बिरदी चंद या मिली जानकारी के मुताबिक वह भैंसदेही रेंज में कोर्ट केस प्रभा रोज की तरह 6 मार्च की रात्रि भी अपने सरकारी आवास में सो थे। 7 मार्च की सुबह लगभग 5 बजे रेंजर अमित चौहान मेरे ि आकर ज़ोर ज़ोर से गाली देते हुए दरवाज़े पर लात मार दाखिल हुए और गाली गलौज करते हुए मेरे सीने पर पै दिया। वे यही नहीं रुके, लगातर कई लात घूंसे जड़ दिए। मैंने तो बोले तू मेरे बारे में गलत बयान बाज़ी करता है। रेटायरमेन्ट का पैसा नहीं मिलने दूंगा ओर पेंशन भी जब्त करवा लिया।
इस घटना से मानसिक रूप से बहुत क्षुब्ध हूं। मैं अपने आप मे बहुत आत्मग्लानि महसूस कर रहा हूं । मैं अपने आपको क्षति भी पहुंचा सकता हूं, जिसके ज़िम्मेदार रेंजर अमित चौहान होंगे। फॉरेस्टर श्री यादव ने बताया कि यह पहला मौका नही है जब रेंजर अमित चौहान ने प्रताड़ित करने में कोई कसर छोड़ी हो । अक्टूबर माह और बीती जनवरी में वेतन तक रोक दिया गया, जबकि मेरे परिवार में मैं अकेला कमाने वाला हूं । श्री यादव ने बताया कि इसके पहले वनरक्षक मसराम के घर मे घुस कर उसकी पत्नी के सामने पिटाई की है। रेंजर अमित चौहान कहते है कि मेरी राजनैतिक पकड़ बहुत मजबूत है मेरा यंहा के छूटभैया नेता कुछ नही बिगाड़ सकते । यह बात सच है कि पूर्व में भैंसदेही के रसूखदार नेता भी लोकलदरी के ग्रामीण के साथ रेंजर द्वारा की गई मार पीट में एफआईआर तक दर्ज नही करवा सके थे । उल्टा दोबारा रेंजर अमित चौहान ने अपनी पोस्टिंग भैंसदेही रेंज में कराकर मुंहतोड़ तोड़ जवाब दिया था ।
कमीशन से बिगड़ रहे रिश्ते
बैतूल वन वृत्त में बढ़ते भृस्टाचार ऊपर से लेकर नीचे तक कमीशनखोरी के चर्चे से समझा जा सकता है कि सीसीएफ से डीएफओ के, डीएफओ से एसडीओ के एसडीओ से रेंजर के ओर रेंजर से मैदानी अमले के रिश्ते कैसे खराब हो रहे है ।
लामबन्द हो रहे कर्मचारी
नेता बिरदीचंद यादव के साथ मारपीट के बाद वन कर्मचारी संघ नेता इस घटना को लेकर आक्रोशित है । कर्मचारि नेता एक दूसरे संपर्क में है। जल्द ही कोई कदम उठाने के संकेत मिले है।
इनका कहना….
बिरदी चंद यादव मेरे निवास के सामने नशे की हालत में गाली गलौज कर रहा था। मेरे द्वारा कोई मारपीट नहीं की गई है। मैंने थाने में उसके खिलाफ शिकायती पत्र देर एफआईआर की मांग की है।
अमित चौहान, रेंजर भैंसदेही
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