डब्ल्यूसीएल के 4 सौ कर्मियों ने शामा बीएमएस का हाथ

अखिल भारतीय मजदूर संघ के 41वे वार्षिक साधारण सभा को संबोधित करते हुए डब्ल्यूसीएल के 4 सौ कर्मियों ने शामा बीएमएस का हाथ
जिला ब्यूरो चीफ अनिल दवन्डे बैतूल
सारणी। व्यक्ति की कार्य करने की क्षमता यदि बेहतर हों तो व्यक्ति किसी भी प्लेटफार्म पर आकर अपनी दक्षता दिखाने का कार्य कर सकता है। यह उद्गार अखिल भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ के महामंत्री सुधीर घुरडे ने अखिल भारतीय मजदूर संघ के 41 वें वार्षिक साधारण सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बीएमएस की पहचान त्याग तपस्या और मजदूरों के हक और अधिकार में संघर्ष करने के रूप में है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कोयलांचल क्षेत्र पाथाखेड़ा में विपरीत परिस्थितियों में बीएमएस यूनियन बेहतर काम कर रहा है। उन्होंने बिना किसी संगठन का नाम लिए कहा कि दूसरे संगठन में वह कार्य करने की दक्षता प्राप्त नहीं होती है जो कार्य करने की दक्षता बीएमएस यूनियन में होती है चार सौ से अधिक दूसरे अधिक दूसरे श्रमिक संगठन को छोड़कर
बीएमएस का दामन थामे सभी कर्मचारी अधिकारियों का बीएमएस के गमछा और पुष्प देकर कर्मचारी अधिकारियों का स्वागत किया गया सम्मेलन में आए मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ के महामंत्री सुधीर घुरडे एवं प्रदेश महामंत्री मधुकर सावले द्वारा जुमड़े भवन में अतिथि गृह एवं पुस्तकालय का शुभारंभ किया गया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीएमएस यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रमोद सिंह ने कहा कि
प्रबंधन जो कर्मचारियों के साथ हठधर्मिता अपनाने का कार्य कर रही है उसको लेकर बीएमएस ने लगातार धरना प्रदर्शन और विरोध रही है। उन्होंने कहा कि वेतन समझौता 11 का लाभ कोल इंडिया के कर्मचारियों को अभी तक मिल जाना था लेकिन प्रबंधन की हठधर्मिता की वजह से हीं मिल पाया है। इसको लेकर स्थानीय स्तर से लेकर कोल इंडिया मुख्यालय तक धरना प्रदर्शन करने किसी ने किया है तो वह बीएमएस यूनियन के माध्यम से ही किया गया है
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