लापरवाही की हद: अगले महीने से शुरू होगी गर्मी, शहर के लिए पानी रोकने बंद नहीं किए ताप्ती बैराज के गेट नपा

लापरवाही की हद: अगले महीने से शुरू होगी गर्मी, शहर के लिए पानी रोकने बंद नहीं किए ताप्ती बैराज के गेट नपा
जिला ब्यूरो प्रमुख अनिल दवन्डे बैतूल
बैतूल। शहर में जिस ताप्ती बैराज से पीने के पानी की सप्लाई होती है, उस बैराज का पानी फरवरी महीना आ जाने के बावजूद भी गेट बंद करके रोका नहीं गया है। अगले महीने गर्मी की दस्तक हो जाएगी लेकिन अब तक पानी रोकने का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। इस बैराज के सभी 18 गेट खुले हुए हैं, सभी गेट में से पानी लगातार बहकर निकल रहा है। ऐसे में यदि गेट जल्द बंद नहीं किए गए तो ताप्ती नदी में पानी का बहाव रुकने पर पानी स्टोर नहीं किया जा सकेगा।
22 फीट ऊंचे बैराज, 14 फीट तक ही हैं बंद क्योंकि यहां तक सीमेंट कांक्रीट का स्ट्रक्चर है। इसके ऊपर लोहे के गेट लगाकर बंद किया जाता है लेकिन यह प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। इधर कटाव और मिट्टी के लगातार धंसकने से आसपास के किसानों के खेतों को होने वाला नुकसान बढ़ रहा है। मिट्टी से भराव ताप्ती बैराज के गेट बंद करने के पहले इसके बगल में भराव कार्य किया जाना है। 50 मीटर तक का कटाव बैराज के बगल में है, यहां मिट्टी से भराव किया जाना है। पांच लाख की लागत से नपा ने यह काम करने की योजना जरूर बनाई थी लेकिन काम शुरू नहीं किया गया।
मिट्टी खरीदने जैसे काम भी नहीं हुए, नपा को विभागीय खर्च पर करवाना है काम
ताप्ती बैराज के 18 गेट खुले हुए हैं शहर से 22 किलोमीटर दूर ताप्ती बैराज में 18 गेट हैं। यहां भी लोहे की प्लेटें अब तक नहीं लगायी हैं, इन खुले हुए गेटों की खाली जगह से भी लगातार पानी निकल रहा है। शहर में रोजाना सप्लाई के लिए नगर पालिका को 1 करोड़ लीटर पानी की जरूरत होती है। लेकिन रोजाना केवल 67 लाख लीटर पानी ही सप्लाई किया जाता है। इस तरह 33 लाख लीटर पानी पहले ही कम उपलब्ध है। साफ और फिल्टर पानी की उपलब्धता पहले ही कम है। 22 किलोमीटर लंबी ताप्ती की पाइप लाइन में कई बार लीकेज आ जाते हैं।
किसानों के खेतों की फसलों तक आ रहा पानी नपा बैराज के बगल का कटाव नहीं भर रही है, वहीं यहां बैराज के समीप खेती करने वाले किसानों को इस कटाव से खासा नुकसान हो रहा है। बारिश के मौसम में सोयाबीन और मक्के की फसल का जमकर नुकसान हुआ था वहीं अब गेहूं की फसल का नुकसान हो रहा है। शेषराव पिता कुंजीलाल बड़ौदे और कांतिबाई वाघमारे के खेतों की जमीन अब भी कटाव के कारण धंसक रही है। दोनों के खेतों में गेहूं की फसल उगी है लेकिन कटाव और पानी के आने से नुकसान हो रहा है। क्षेत्र के शिव बड़ौदे ने बताया कि भराव कार्य करने में नपा लेटलतीफी कर रही है। इस भराव को करके जल्द ही पानी रोकने के इंतजाम करने चाहिए।
बंद करने में लगेगा समय प्रक्रिया शुरू करनी जरूरी ताप्ती बैराज के गेट यदि बंद करने शुरू किए जाते हैं तो पूरे 18 गेट बंद करने की इस प्रक्रिया में भी समय लगेगा। दरअसल लोहे की भारी-भरकम प्लेटों को उठाकर गेट बंद करने पड़ेंगे। इन्हें उठाने और फिट करने में समय लगेगा। इसीलिए प्रक्रिया को ताप्ती नदी में पानी का फ्लो रहते हुए करना जरूरी है।
गर्मी का मौसम अगले महीने से हो जाएगा शुरू
नगरपालिका ने ताप्ती बैराज के गेट खोल कर रखे हुए हैं लेकिन ताप्ती नदी में पानी का बहाव कम हो रहा है । खुले हुए इन गेटों से शहर में पेयजल सप्लाई के लिए स्टोर किया जाने वाला पानी लगातार बह रहा है। ऐसे में यदि गेट जल्द बंद नहीं किए गए तो भरपूर बारिश के बावजूद पानी के संकट की स्थिति बन सकती है। 2017 में भी इसी तरह की चूक के कारण पूरा पानी बहकर निकल गया था।
काम शुरू किया जाएगा
ताप्ती बैराज के बगल में जो कटाव हुआ है उसका भराव कार्य करवाने के लिए काम शुरू किया जाएगा। यह काम नपा को स्वयं ही करना है। इसके लिए मिट्टी खरीदकर इस मिट्टी को यहां भराव कार्य में मजदूरों की मदद से लगवाया जाएगा। इसके बाद गेट बंद करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। –
महेश अग्रवाल, ईई, नपा ।
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