अयोध्या में वृहद राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 85 हजार से अधिक वादों का निस्तारण

अयोध्या में वृहद राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 85 हजार से अधिक वादों का निस्तारण
अयोध्या, 09 मई 2026।
जनपद न्यायालय अयोध्या परिसर में वृहद राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश रणंजय कुमार वर्मा ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। कार्यक्रम में अपर जिला जज/नोडल अधिकारी दीपक यादव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रिया सक्सेना, रविकांत पीठासीन अधिकारी एमएसीटी, वेद प्रकाश वर्मा, राहुल कात्यान, सुरेन्द्र मोहन सहाय, निरूपमा विक्रम, रजत वर्मा, प्रतिभा नारायण, इन्द्रजीत सिंह, अर्चना तिवारी, प्रदीप कुमार सिंह, रवि कुमार गुप्ता, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधांशु शेखर उपाध्याय, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सतीश कुमार मगन, रंजिनी शुक्ला, सिविल जज पीयूष त्रिपाठी सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। मंच संचालन अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय महेन्द्र सिंह पासवान ने किया।
जनपद न्यायाधीश रणंजय कुमार वर्मा ने कहा कि लोक अदालत की मूल भावना लोक कल्याण और आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए विवादों का निस्तारण कराया जाता है, जिससे आपसी मतभेद और दुर्भावना समाप्त होती है तथा समाज में सौहार्द बना रहता है। उन्होंने बताया कि जनपद न्यायालय परिसर के साथ-साथ कलेक्ट्रेट एवं सभी तहसीलों में भी सुलह-समझौते के आधार पर वादों का निस्तारण कराया गया।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रिया सक्सेना ने कहा कि लोक अदालत की भावना शोषित एवं वंचित वर्ग को सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से वादकारियों के समय और धन दोनों की बचत होती है। राष्ट्रीय लोक अदालत में आने वाले पक्षकारों के लिए बैठने, शुद्ध पेयजल सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी।
दीपक यादव एवं प्रिया सक्सेना ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 85,350 वादों का निस्तारण किया गया तथा कुल 12,19,80,954 रुपये की समझौता राशि निर्धारित की गई। वर्चुअल कोर्ट की पीठासीन अधिकारी निवेदिता सिंह द्वारा 35,459 वादों का निस्तारण किया गया, जिसे सराहनीय उपलब्धि बताया गया।
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में 105 मामलों में से 85 वादों का निस्तारण करते हुए 6 करोड़ 51 लाख 19 हजार 807 रुपये की क्षतिपूर्ति निर्धारित की गई। वहीं बैंक रिकवरी से संबंधित 683 प्री-लिटिगेशन वादों का निस्तारण कर 4 करोड़ 64 लाख 21 हजार 488 रुपये का सेटलमेंट कराया गया। एलडीएम गणेश सिंह यादव के प्रयासों की सराहना की गई।
पारिवारिक विवादों से जुड़े 57 मुकदमों का निस्तारण किया गया, जबकि वाणिज्यिक न्यायालय से संबंधित दो मामलों में 53 लाख 92 हजार 833 रुपये का सेटलमेंट हुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 4510 तथा अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम द्वारा 2086 वादों का निस्तारण किया गया। विभिन्न राजस्व न्यायालयों में 30,996 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया।
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