
सरकार के अमृत महोत्सव का ये मानदण्ड है कि ओलम्पिक पदक विजेता सड़क पर घसीटे जा रहे हैं और लोकतंत्र के नए राजमहल में POSCO एक्ट वांछित आदतन अपराधी जिस पर लगभग 40 मुकदमें दर्ज हों राजाजी के दल में होने के कारण शरण प्राप्त किये हुए है केस दर्ज तक कराने के लिए धरना करना पड़ रहा है।
पीड़ित नार्को टेस्ट से लेकर हर बात कह रहे लेकिन क्या कहा जाय किसान आंदोलन की तरह थूक कर चाटने वाला मास्टरस्ट्रोक की ओर अग्रसर …
माना जा सकता है कि पीड़ितों की आवाज घोटने के लिए राजतंत्र हर संभव प्रयास कर रहा है लेकिन अगर वे गलत लोगों को अपने मंच पर स्थान देंगे तो फिर व्यापक जन समर्थन नहीं प्राप्त कर सकेंगे
ऐसे ही कुलदीप सेंगर को बचने को पूरा तंत्र लगा था लेकिन फिर योगी जी को गलत व्यक्ति का साथ छोड़ना ही पड़ा।
कम से कम कोई केस दर्ज होने के बाद कोई जांच कोई कार्यवाही तो की होती पीड़ित झूठ बोल रहे हों तो उन्हें मक्कारी के लिए जेल भेजिए लेकिन यहां तो पूरा तंत्र ही आरोपी के पक्ष में खड़ा है
दुनिया में हमारे खोखलेपन का डंका बज रहा है इंडिया न्यूज़ दर्पण से रिपोर्टर अवनीश कश्यप
नोट :- अन्य अपडेट लगातार पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमें ट्वीटर पर भी फॉलो कर सकते हैं| नवीनतम वीडियो न्यूज देखने के लिए हमें यूटूब (Youtube) पर सब्सक्राइब करें।


