ईशन नदी को पुनर्जीवित कराने के लिए एक दशक से अधिक समय तक आंदोलन

ईशन नदी को पुनर्जीवित कराने के लिए एक दशक से अधिक समय तक आंदोलन करने के बावजूद भी शासन प्रशासन की उदासीनता के कारण आज तक पुनर्जीवित ना हो सकी नदी॥विश्व पर्यावरण दिवस पर आगामी रणनीति के लिए मंथन करेंगे किसान अखिल भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी कार्यकर्ताओं ने आज ईशन नदी की तलहटी में जाकर भौतिक निरीक्षण किया उक्त निरीक्षण के समय पर पाया कि नदी कई जगह बिल्कुल उथली हो गई है जहां एक तरफ ईशन नदी बचाओ अभियान के तहत किसानों ने एक दशक से अधिक समय तक जन आंदोलन विभिन्न स्तरों पर चलाया जिसमें संबंधित विभागीय अधिकारियों का घेराव, तहसील, कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन एवं महापंचायतों का आयोजन कर अलीगढ़ से मैनपुरी तक पैदल यात्रा सहित गांव-गांव जनसंपर्क अभियान से लेकर हस्ताक्षर अभियान सहित विभिन्न प्रकार के आंदोलनों के पश्चात कभी-कभी प्रशासनिक मशीनरी ने छुटपुट काम कराकर आंदोलनकारियों को शांत कराने का काम किया है पिछले लंबे समय से किसान मजदूर नौजवान अखिल भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले ईशन नदी को गोद लेने के लिए प्रयासरत हैं लेकिन शासन और प्रशासन की उदासीनता के कारण यह कार्य भी पूरा नहीं हो सका है आज निरीक्षण के समय उपस्थित किसान नौजवानों ने तय किया कि विश्व पर्यावरण दिवस पर एक बैठक का आयोजन कर व्यापक रणनीति बनाई जाएगी तथा इस मूवमेंट को जन भागीदारी के आधार पर सक्रिय आंदोलन चलाया जाएगा एवं जनपद स्तर के अधिकारियों से लेकर शासन तक प्रयास कर उक्त नदी को अतिशीघ्र गोद लेकर आम किसान मजदूर नौजवान सहित आम जनता का सहयोग लेकर इसे पुनर्जीवित कराया जाएगा जिससे क्षेत्रीय वाटर लेवल को रिचार्ज किया जा सके एवं पशु पक्षियों सहित जंगली जानवरों को भीषण गर्मी के समय में भी पीने के लिए पानी मिल सके।
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