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दस हजार शहरी पानी के लिए तरसे

सत्येंद्र कुमार दुबे कुशीनगर।

कुशीनगर : दस हजार शहरी पानी के लिए तरसे । पडरौना शहर में पुलिया निर्माण के दौरान बलोचहां चुंगी के पास जेसीबी से देर रात जलापूर्ति की मुख्य पाइप फट जाने से पेयजल का जबरदस्त संकट उत्पन्न हो गया।इससे जुड़े कई मोहल्लों में पानी की आपूर्ति ठप हो गई। अन्य मोहल्लों की पाइप भी इससे जुड़ी होने के कारण मरम्मत के लिए वहां भी पानी की आपूर्ति रोकनी पड़ी। इससे शहर के करीब 1,000 घरों के दस हजार से अधिक लोगों को पेयजल के संकट से जूझना पड़ा।

यह स्थिति रविवार की शाम तक बनी रही। जिनकी छतों पर पानी की टंकी रखी है, उनका सुबह किसी तरह काम चल गया, लेकिन दोपहर बाद उन्हें भी पानी के संकट से जूझना पड़ा। बिना टंकियों वाले लोगों को पानी खरीदकर जरूरत पूरी करनी पड़ी या फिर काम रोके रखना पड़ा। नगरपालिका की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था तक नहीं हुई, जबकि लोगों ने पानी का टैंकर लगाने की मांग भी की। क्षतिग्रस्त पाइप लाइन की मरम्मत में जलनिगम कर्मी जुटे रहे। पडरौना शहर के सभी मोहल्लों में पेयजल की आपूर्ति के लिए नौ ओवरहेड टैंक हैं। सुभाष चौक, छावनी शिवसागर पोखरा, आंबेडकरनगर, आवास विकास कॉलोनी, बावली रेलवे क्राॅसिंग के पास, जलकल, उदित नारायण डिग्री कॉलेज, चीनी मिल के पास और शायरी माता मंदिर के पास सहित अन्य स्थानों पर ओवरहेड टैंक हैं। इनसे मोहल्लों सहित आसपास के क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति की जाती है।

शहर के रामकोला रोड स्थित बलोचहां चुंगी के पास पुलिया निर्माण चल रहा है। शनिवार की रात भूमिगत ह्यूमपाइप लगाने के दौरान जेसीबी से पेयजल आपूर्ति की पाइप छह इंच फट गई। इससे रविवार की सुबह जब पानी की आपूर्ति शुरू हुई तो पानी नाली में जाने लगा। इस वजह से टोटियों के रास्ते लोगों के घरों में मिट्टी और गंदा पानी जाने लगा। लोगों ने इसकी सूचना नगरपालिका के कर्मचारियों को दी तो सुभाष चौक, छावनी, आंबेडकर नगर, आवास विकास कॉलोनी स्थित टंकियों से पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई। क्योंकि यह एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। नगर पालिका के जलकल के कर्मी जेसीबी व पोकलेन के साथ पहुंचकर क्षतिग्रस्त पाइप को ठीक करने में लग गए। लग गया जाम, फंसी रही एंबुलेंस

पानी की पाइप फट जाने से जेसीबी से मिट्टी की खुदाई होने लगी। इससे रामकोला मार्ग पर एक किलोमीटर तक जाम लग गया। इससे राहगीर परेशान रहे। पांच मिनट का सफर एक घंटे में रेंगते हुए तय किया। इसी बीच मरीज लेने मिश्रौली की तरफ जा रही एंबुलेंस फंस गई। होमगार्ड व लोगों की सहायता से उसे जाम से बाहर निकालने में 20 मिनट का समय लग गया। दिनभर में नहीं ठीक हो सकी छह इंच फटी पाइप

पुल निर्माण के समय पानी का पाइप छह इंच फट गई। उसे ठीक करने के लिए पानी की चार टंकियों से पेयजल आपूर्ति बंद कर दी गई थी, ताकि जल्द मरम्मत हो सके। इसके बावजूद सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक छह इंच का लिकेज ठीक नहीं हो पाया। जलनिगम के कर्मचारी मनोज सिंह ने बताया कि सामग्री नहीं मिलने से समय लग रहा है। शाम तक ठीक कराकर जलापूर्ति चालू कर दी जाएगी। रेस्टोरेंट का कार्य चल रहा है। पानी की आपूर्ति बंद हो जाने से कार्य प्रभावित हो गया। इससे आर्थिक नुकसान हुआ। पानी का टैंकर न मिलने से राजगीर मिस्त्री और मजदूर दिनभर बैठे रहे। शाम तक पानी बहाल नहीं हो पाई है।

रोशन सिंह, रामकोला रोड रात में घर में लगी पानी की टंकी सूख गई। सुबह भरने के लिए मोटर चालू किया तो पानी नहीं आया। इससे भोजन बनाने से लेकर अन्य कार्य के लिए पानी खरीदकर काम चलाना पड़ा। पानी के टैंकर के लिए कहा गया तो 12 में आठ टैंकर खराब बताया गया। शेष किसी अन्य कार्य में लगे हुए थे।

दिनेश मोदनवाल, सुभाष चौक कोट

पीडब्ल्यूडी की ओर से पुलिया के निर्माण के दौरान जलापूर्ति की पाइप फट गई। उनकी लापरवाही के लिए संबंधित अधिकारी को तलब किया गया है।

महात्मा सिंह, उप जिलाधिकारी, सदर

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