
रिपोर्ट– बी०पी० बौद्ध
बलरामपुर। जिले में दो दोस्तों ने बिजनेस में हेराफेरी करने पर अपने एक लखनऊ के दोस्त की हत्या कर दी। हत्या बहुत ही नृशंस तरीके से की गई, दोनों दोस्तों ने लड़के को लखनऊ से बुलाया और फिर उसका सिर काट दिया। सिर काटकर बलरामपुर से करीब 100 किमी० दूर रुधौली क्षेत्र में एक गेहूं के खेत में दबा दिया। आरोपियों में एक लड़का लखनऊ के इंदिरा नगर और दूसरा बस्ती जिले का रहने वाला है।
लखनऊ निवासी लड़का 11 मार्च से घर से लापता था, उसके पिता ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। लगभग बीस दिन से पुलिस लड़के की तलाश कर रही थी। परिजनों के आरोप के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया था। कड़ाई से पूछताछ पर उन्होंने पूरा राज उगल दिया।
दोनों हत्यारोपियों की पुलिस को बताई कहानी के अनुसार– लखनऊ निवासी अक्षय कुमार, गगनदीप और बस्ती निवासी राजेश पाल तीनों मिलकर लकड़ी का काम करते थे। गगनदीप और राजेश पाल गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, बस्ती से लकड़ी खरीदकर लखनऊ भेजते थे।
अक्षय कुमार यहाँ पर उस लकड़ी को बेचने का काम करता था। अकसर वो लोग भी लकड़ी की खेप के साथ में यहाँ आया करते थे। अपने सामने लकड़ी बिकवाते भी थे। इस सौदेबाजी में जो भी लाभ होता था उसकी वो बराबर हिस्सेदारी कर लेते थे। लेकिन पिछले कुछ महीनों से गगनदीप और राजेश पाल विभिन्न जिलों से लकड़ी लखनऊ भेजते थे और अक्षय कुमार उसको यहाँ बेच रहा था। कई खेप में अक्षय कुमार नुकसान दिखा रहा था।
इसे लेकर तीनों दोस्तों में कुछ विवाद भी हुआ था। लेकिन किसी तरह से मामला शान्त हो गया था। इसके बाद गगनदीप और राजेश पाल ने अक्षय कुमार को सबक सिखाने का फैसला किया। इन दोनों ने अक्षय कुमार के खिलाफ हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी।
दिनांक 11 मार्च को गगनदीप और राजेश पाल ने अपने दोस्त अक्षय कुमार को कारोबार के सिलसिले में बात करने के लिए बलरामपुर बुलाया। यहाँ तीनों साथी दिन भर एक–दूसरे के साथ घूमते रहे। इस दौरान इन लोगों ने कई लकड़ी के कारोबारियों से मुलाकात भी की।
इन लोगों ने अपने कारोबार को और अधिक बढ़ाने का प्लान भी बताया। लेकिन इस बीच राजेश पाल और गगनदीप के दिमाग में अक्षय कुमार के खिलाफ कारोबार में हेराफेरी करने का बदला लेने की साजिश भी चल रही थी। 12 मार्च को ये लोग शाम को घूमते–घूमते बालापुर चौकी के पास सड़क किनारे एक गन्ने के खेत की तरफ पहुँच गए।
यहीं पर तीनों में पैसा हेराफेरी को लेकर झगड़ा हुआ। इसके बाद गगनदीप और राजेश पाल ने अक्षय कुमार की हत्या कर दी। वहाँ पर उन्होंने पहले से ही गड़ासा रख दिया था। झगड़े के दौरान ही उन्होंने गड़ासा निकाला और अक्षय कुमार के गले पर वार किया। इससे अक्षय कुमार मौके पर ही गिर पड़ा। इसके बाद दोनों आरोपी अक्षय कुमार का गला काटकर एक झोले में भरकर चल दिए। दोनों अक्षय कुमार के सिर को करीब 100 किमी० दूर रुधौली क्षेत्र में ले गए और एक गेहूँ के खेत में दबा दिया।
दरअसल, 13 मार्च को रात आठ बजे के करीब बलरामपुर जिले के गाँव युसुफ पुरवा के एक खेत में एक युवक का धड़ पड़ा मिला। गाँव के प्रहरी बुद्धराम पाल ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुँची पुलिस ने जाँच पड़ताल शुरू की तो यह खेत मंगल यादव का निकला।
पूछताछ में कहीं किसी प्रकार की कोई शिनाख्त नहीं हो पाई। इसके बाद पुलिस ने आस–पास के क्षेत्र में सिर की तलाश शुरू की, साथ ही पुलिस ने धड़ की फोटो सोशल मीडिया एवं सभी पुलिस थानों पर शेयर की। इसी बीच पता चला कि लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में एक लड़के की गुमशुदगी दर्ज कराई गई है।
इसके धड़ की वो फोटो सम्बन्धित परिवार वालों को भेजी गई। परिवार वालों में अक्षय के पिता जगदीश प्रसाद मिश्रा और भाई आशुतोष व विवेक थाने पहुँचे। यहाँ उन्होंने शव के पहने हुए कपड़े, लाकेट व रुद्राक्ष माला से शव की शिनाख्त कर दी। शव की शिनाख्त अक्षय कुमार मिश्रा उम्र 31 वर्ष के रूप में हुई।
अक्षय के पिता ने उसके दो दोस्तों पर संदिग्धता जाहिर की। पुलिस ने सर्विलांस और दोनों आरोपियों के कुछ जानने वालों को पकड़ा जिससे उनकी गिरफ्तारी हुई। इसके बाद पूरे हत्याकांड का खुलासा हो गया। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है और हत्या में इस्तेमाल किए गए गड़ासे को भी बरामद कर लिया है।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि 13 मार्च को जो डेडबॉडी बरामद हुई थी, उसका खुलासा हो गया है। दो दोस्तों ने ही कारोबार में हेरफेर के शक में एक दोस्त की हत्या की है। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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