
संवाददाता अय्यूब आलम गोंडा
आपको बता दें कि सरकार के ने कोटेदारों के लिए नया नियम लागू कर दिया है मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी ‘वन नेशन वन राशन कार्ड योजना’ भी पूरे देश में लागू हो गई जिसके बाद सभी दुकानों पर ऑनलाइन इलेक्ट्रानिक प्वाइंट आफ सेल यानी पीओएस डिवाइस को अनिवार्य कर दिया गया है. सरकार के इस फैसले से अब किसी भी लाभार्थी को कम राशन नहीं मिलेगा दरअसल, केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (National Food Security Law) के तहत लाभार्थियों को सही मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध हो इसके लिए राशन की दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ़ सेल (EPOS) उपकरणों को इलेक्ट्रॉनिक तराजू के साथ जोड़े जाने के लिए खाद्य सुरक्षा कानून नियमों में संशोधन कर दिया है. इसके बाद अब सभी कोटेदारों को इलेक्ट्रॉनिक तराजू रखना अनिवार्य हो गया है. सरकार इसके लिए इंस्पेक्शन भी करवा रही है, ताकि कोई कोटेदार अब चोरी न कर सके देश भर में लागू हुए इस नियम के बाद अब देश में उचित दर वाली सभी दुकानों को आनलाइन इलेक्ट्रानिक प्वाइंट आफ सेल यानी पीओएस डिवाइस से जोड़ दिया गया है. यानी अब राशन तौल में गड़बड़ी की कोई गुंजाइश ही नहीं बची है. आपको बता दें कि सरकार ने राशन डीलरों को हाइब्रिड माडल की प्वाइंट आफ सेल मशीनें मुहैया कराइ गई हैं, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लाभार्थी को किसी भी सूरत में कम राशन न मिले. आपको बता दें कि ये मशीनें ऑनलाइन मोड के साथ ही नेटवर्क न रहने पर ऑफलाइन भी काम करेंगी.
क्या है नियम?
सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, यह संशोधन एनएफएसए के तहत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS) के संचालन की पारदर्शिता में सुधार के माध्यम से अधिनियम की धारा 12 के तहत खाद्यान्न तौल में सुधार प्रक्रिया को और आगे बढ़ाने का एक प्रयास है. दरअसल, लगातार ये शिकायत आती रहती थी कि कई जगहों पर कोटेदार कम राशन तौलते हैं. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत सरकार देश के करीब 80 करोड़ लोगों को प्रति व्यक्ति, प्रति माह पांच किलो गेहूं और चावल (खाद्यान्न) क्रमश: 2-3 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर दे रही है
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