गैसडी के विधायक एस०पी० यादव ने स्वामी प्रसाद मौर्य की गाड़ी पर स्याही फेके जाने को लेकर जताया विरोध

बलरामपुर। प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं गैसडी के विधायक एसपी यादव ने स्वामी प्रसाद मौर्य की गाड़ी पर स्याही फेके जाने की कड़ी निन्दा की है और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना कि लोकतंत्र में इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं है। इससे प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था की पोल खुल रही है।
पूर्व मंत्री एस०पी० यादव ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। अराजक तत्व जनप्रतिनिधियों पर हमला कर रहे हैं, जो कानून व्यवस्था की पोल खोलता है। प्रदेश में राजनेता और जनप्रतिनिधियों पर जब हमला हो रहा है तो आम नागरिक का क्या हाल होगा, ये सबके सामने है। उन्होंने कहा कि कुछ अराजक तत्व देश के गरीब, दलित, पिछड़ों की आवाज उठाने वालों को डराना चाह रहे हैं। लेकिन स्वामी प्रसाद मौर्य जैसे लोग किसी से डरने वाले नही हैं और लगातार दबे कुचलों की आवाज उठाते रहेंगे। पूर्वमंत्री ने कहा कि संविधान में सबको बोलने और विरोध का अधिकार दिया है। किसी की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है।
पूर्व मंत्री व विधायक एस०पी० यादव ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने ना तो रामचरितमानस का विरोध किया है और ना ही भगवान राम का विरोध किया है बल्कि उन्होंने तो सिर्फ उन पंक्तियों का विरोध किया है, जिसमें दलित, पिछड़े और महिलाओं का अपमान किया गया है। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस की इन पंक्तियों का विरोध सिर्फ स्वामी प्रसाद मौर्य ने नहीं इससे पहले भी कई समाज सुधारक एवं लोगों द्वारा किया जा चुका है।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए और उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा दी जाए। उन पर स्याही फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया जाए। प्रदेश में जातीय जनगणना कराया जाए ताकि सबको पता लग सके कि संख्या के हिसाब से लोगों को उनका हक मिल रहा है या नहीं।
रिपोर्ट– बी०पी० बौद्ध
ब्यूरो चीफ बलरामपुर
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