बदायूँ: 03 फरवरी। मत्स्य पालक विकास अभिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित कुमार शुक्ला ने अवगत कराया है कि 30.12.2022 से प्रदेश में मुख्यमन्त्री मत्स्य सम्पदा योजना प्रारम्भ की गयी है इस योजनान्तर्गत दो परियोजनाएं संचालित का जाएगी। प्रथम वर्ष निवेश:- मनरेगा कन्वर्जेन्स अथवा पट्टाधारक द्वारा स्वयं अथवा अन्य विभागों के माध्यम से सुधारे गये ग्राम सभा व अन्य पट्टे के तालाबों में मत्स्य उत्पादन हेतु प्रथम वर्ष निवेश यथा मत्स्य बीज, मत्स्य पूरक आहार, जलापूर्ति संसाधन, दवाएं, जाल आदि के क्रय पर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। उक्त योजना में विभागीय वेबसाइट http://fisheries.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन दिनांक: 07.02.2023 से प्रारम्भ होकर
मत्स्य बीज बैंक की स्थापना:- मनरेगा कन्वर्जेन्स अथवा पट्टाधारक द्वारा स्वयं अथवा अन्य विभागों के माध्यम से सुधारे गये ग्राम सभा व अन्य पट्टे के तालाबों में बीज बैंक की स्थापना हेतु स्पान, फ्राई, मत्स्य पूरक आहार, जलापूर्ति संसाधन, हापा एवं जाल आदि के क्रय पर अनुदान उपलब्ध कराया जायेगा।
दिनांक: 16.02.2023 तक किये जा सकेंगे। इस योजना में ऐसे सभी पट्टाधारक आवेदन कर सकते हैं जिनके पट्टे की अवधि में न्यूनतम 4 वर्ष अवशेष हों। योजना में आवेदक को इकाई लागत रू0 4.00 लाख प्रति हे० पर 40 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जायेगा। इस योजना में एक आवेदक को 2.00 हे0 जलक्षेत्र तक लाभ अनुमन्य है। योजना से सम्बन्धित जानकारी विभागीय वेबसाइट
http://fisheries.up.gov.in पर उपलब्ध है। साथ ही विस्तृत जानकारी हेतु कार्यालय मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य विकास भवन बदायूँ (कक्ष सं0-325) में किसी भी कार्यदिवस में सम्पर्क कर सकते है।
बदायूं से ब्यूरो चीफ योगेश कुमार की रिपोर्ट
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