
अंबेडकरनगर (दुर्गा दत्त पांडे)
प्रदेश सरकार की मेहरबानी से जिले में सड़कों का जाल तूफानी रफ्तार से फैलाया जा रहा है। बीते तीन सालों में करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि सड़क निर्माण के लिए जिले में आ चुकी है। शहरी इलाकों में गलियों को भी सीसी रोड में तब्दील किया जा रहा है। अगर कहीं कंजूसी बरती जा रही है तो वह हैं गांव की सड़कें। अंबेडकरनगर जनपद के अकबरपुर विकासखंड के रामपुर सकरवारी से सिसवा बनकठवा मार्ग की स्थिति दयनीय है इसी प्रकार जनपद के अधिकांश गांवों में गड्ढायुक्त सड़कें अभी तक ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हैं। वहीं दूसरी ओर सड़कों की गुणवत्ता पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। ठेकेदार ज्यादा कमाई के लालच में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग कर रहे हैं। इसके चलते जगह-जगह सड़कें उखड़ने व गड्ढे गहरे होने का सिलसिला भी तेजी पकड़ चुका है।जनपद में सड़कें बनाने के लिए ताबड़तोड़ बजट आने के कारण कल तक बाइकों से साइटों पर पहुंचने वाले ज्यादातर जेई से लेकर पीडब्ल्यूडी कर्मचारी तक आजकल लग्जरी कारों से पहुंच रहे हैं। कमाई के ढेरों अवसर होने के कारण यहां तैनाती के लिए प्रदेश भर के इंजीनियरों में होड़ मची है। जेई यहां आने के लिए जोड़तोड़ भिड़ा रहे हैं। वहीं ठेकेदार भी चांदी काट रहे हैं। ठेकेदारों की लग्जरी कारों का काफिला पीडब्ल्यूडी कार्यालय व निर्माणाधीन सड़कों पर कभी भी देखा जा सकता है।गुणवत्ता पर सवाल, कार्रवाई कुछ भी नहीं होता।कहीं गिट्टी कम निकली तो कहीं इंटरलाकिंग ईंटें घटिया लगाई गईं। बैठकों में भी गुणवत्ता को लेकर प्रश्नचिह्न लगे तो इंजीनियरों को फटकार लगी। कार्रवाई के आदेश कई बार हुए पर घूम-फिरकर मामला ठंडे बस्ते में ही पहुंच गया। जांच दर जांचें चलती हैं पर इंजीनियरों व ठेकेदारों पर एक्शन सिर्फ कोरम पूरा करने तक सिमटकर रह जाता है।ग्राम सभाओं में विकास के नाम पर प्रतिवर्ष आने वाले धन के कमीशन खोरी की भेंट चढ़ जाने का खामियाजा आमजन भुगत रहा है। कागजों पर तो प्रतिवर्ष लाखों रुपये का काम कर दिया जाता है परंतु जन सुविधाओं के नाम पर टोटा है।
नोट :- अन्य अपडेट लगातार पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमें ट्वीटर पर भी फॉलो कर सकते हैं| नवीनतम वीडियो न्यूज देखने के लिए हमें यूटूब (Youtube) पर सब्सक्राइब करें।


