हापुड़ में अधिवक्ताओं पर हुए पुलिस की बर्बरता जानलेवा हमले लाठीचार्ज के सम्बंध में

हापुड़ में अधिवक्ताओं पर हुए पुलिस की बर्बरता जानलेवा हमले लाठीचार्ज के सम्बंध में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के आव्हान पर लोनी तहसील बार एसोसिएशन व लोनी बार एसोसिएशन के सयुक्त नेतृत्व में धरना प्रदर्शन कर पैदल मार्च का आयोजन किया गया । धरने को सम्बोधित करते हुए प्रमुख वक्ताओं ने हापुड़ जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित शांति पूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं पर बिना किसी पूर्व चेतावनी के जानलेवा हमला करने के प्रथम सूचना रिपोर्ट में नामजद आरोपीयों के विरुद्ध सख्त दंडनात्मक्त कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करने की मांग की गई तथा हापुड़ में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे सम्मानित अधिवक्ताओं पर पुलिस की बर्बरता जानलेवा हमले की कार्यवाही में गंभीर रूप से घायल अधिवक्ताओं को उचित मुआवजा देने की मांग की गई। धरना प्रदर्शन कर रहे सभी अधिवक्ताओं ने संवैधानिक विधि और न्याय व्यवस्था के वक्ता प्रवक्ता अधिवक्ता के रूप में निष्पक्ष कार्य करने के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट बनाकर अभिलंब अध्यादेश पारित करने की सरकार से मांग की। इस अवसर पर वकीलों ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय लोनी से लेकर लोनी रोड से होते हुए एसडीएम कार्यालय तक पैदल मार्च कर महामहिम राष्ट्रपति और माननीय मुख्य मंत्री महोदय उत्तर प्रदेश के नाम ज्ञापन श्रीमान उप जिलाधिकारी महोदय को सौंपा।
सभी अधिवक्ताओ ने ज्ञापन के द्वारा महिला अधिवक्ता के विरुद्ध पुलिस की वर्दी में अपराधिक कृत करने वाले पुलिसकर्मी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही को हापुड न्यायालय परिसर में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे सम्मानित अधिवक्ताओं पर पुलिस द्वारा बिना किसी पूर्व चेतावनी के निरंकुश बर्बर तरीके से जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल किया गया है तथा महिला अधिवक्ताओं के ऊपर सरेआम साजिशन सगठित होकर बदसुलूकी कर जानलेवा हमला कर लाठीचार्ज हमला कर गंभीर रूप से घायल किया गया। जिससे पूरे देश प्रदेश के अधिवक्ताओं के साथ साथ आम जनता भय और आतंकित है। पुलिस के द्वारा सोची समझी तानाशाही बर्बरता और निरंकुश जानलेवा हमले से सम्मानित अधिवक्ताओ और संवैधानिक विधि व्यवस्था को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है की अविलंब गिरफ्तारी कर की मांग की। सम्मानित अधिवक्ता कोर्ट ऑफिसर के रूप में देशवासियों को संवैधानिक न्याय और विधी व्यवस्था सुनिश्चित कर सस्ता और सर्व सुलभ न्याय दिलाने का आधार स्तंभ है। अधिवक्ता वर्ग अनथक प्रयास कर आम आदमी को सस्ता और सर्व सुलभ संवैधानिक न्याय दिलाने में सहयोग कर सरकार और न्याय विभाग को रोजाना अरबों रुपए स्टांप शुल्क, रजिस्ट्रेशन शुल्क और न्याय शुल्क के रूप में दिलाने में वैधानिक रूप से बिना किसी सरकारी सुविधा, मानदेय और वेतन के महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। जिससे उक्त सरकारी कर्मचारियों अधिकारियों की वेतन भत्ते आदि दिए जाते हैं।
सभी अधिवक्ताओं ने संवैधानिक शक्ति पृथक्करण सिद्धांत के विरुद्ध सरकार द्वारा पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था में दी गई कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की शक्तियां का अधिकांश पुलिस अधिकारियों द्वारा निरंकुश मनमाने तरीके दुरुपयोग किया जा रहा है को खत्म करने की आवाज़ उठाई। पुलिस द्वारा खुलेआम निरंकुश तरीके से न्यायिक व्यवस्था को भंग कर मा. न्यायालय और न्यायिक अधिकारियों की शक्तियों का अपहरण किया जा रहा है पर सवाल खड़े किए।
गाजियाबाद में जमीनों विवादो में पुलिस एंटी फ्रॉड सेल से जांच करवाई के नाम पर भूमाफियाओं से साठ गांठ कर बिना किसी प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किए, बिना किसी वाद कार्यवाही के,मौके पर जांच करने के बजाय , मनमानी कर सुनिश्चित संविधानिक विधि और न्याय व्यवस्था के विरुद्ध, भ्रष्टाचार की निरंकुश व्यवस्था को जन्म दिया जा रहा है को खत्म करने की माग की। प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद आरोपी अभियुक्त गणों से साठ गांठ कर संगीन अपराध की धाराओं को विलोपित कर,मजिस्ट्रियल ट्रायल बनाकर थाना से ही प्रोविजनली बेल देकर आरोपियों का केवल 107 ,116,151crpc में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष चालान कर जेल भेज दिया जाता है। जबकि अपराध गंभीर है को खत्म करने की मांग की।
यदि शांति व्यवस्था और विधि व्यवस्था भंग होने का खतरा है तथा प्रथम सूचना रिपोर्ट भी दर्ज है तो चालान माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष होना चाहिए? पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था में कार्यपालक मजिस्ट्रेट द्वारा अपराधिक माफियाओं से सांठगांठ कर की जा रही इस माननीय न्यायालय की शक्तियों के अपहरण कर शक्ति पृथक्करण सिद्धांत का खुलेआम उल्लंघन किये जा रहे भ्रष्टाचार को खत्म करने की मांग उठाई।
देशवासियों को अपने ऊपर आरोपित अपराध या किसी कानूनी जानकारी जानने के लिए अपने पसंद के अधिवक्ता से कानूनी जानकारी लेने के विधिक अधिकार को ईस प्रकार जान लेवा हमला कर खत्म करने के पुलिस द्वारा खुलेआम कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की शक्तियों का दुरुपयोग कर अकारण अधिवक्ताओं पर बिना किसी पूर्व चेतावनी लाठीचार्ज सरेआम अपमानित कर दुर्व्यवहार करने की घोर निन्दा की। पुलिस डरा धमका कर अपराधिक तरीके अपना कर कोर्ट आफिसर के रुप में मान्य सम्मानित अधिवक्ताओं को न्यायिक व्यवस्था से दूर करने के प्रयास को विधि व्यवस्था सुनिश्चित कर खत्म करने की मांग उठाई। देश में संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार जनता का, जनता के लिए ,जनता के द्वारा संवैधानिक विधि व्यवस्था सुनिश्चित की गई है का पुलिस द्वारा निरंकुश तरीके से खुला उल्लंघन किया जा रहा है को विधायिका द्वारा विधि व्यवस्था सुनिश्चित कर रोकने की मांग की । धरना प्रदर्शन में प्रमुख रूप से सुरेंद्र कुमार एडवोकेट अध्यक्ष लोनी बार एसोसिएशन, दिनेश कुमार बसोया अध्यक्ष लोनी तहसील बार एसोसिएशन, सुशील डेनियल जी संस्थापक लोनी अधिवक्ता समिति और लोनी बार एसोसिएशन, विनोद कुमार पूर्व अध्यक्ष लोनी तहसील बार एसोसिएशन, रविंद्र बंसल पूर्व अध्यक्ष लोनी तहसील बार एसोसिएशन, जेपी शर्मा पूर्व अध्यक्ष लोनी तहसील बार एसोसिएशन, मनोज शर्मा सचिव लोनी तहसील बार एसोसिएशन, सतविंदर सिंह,ईश्वर चौधरी, मनोज त्यागी , प्रमोद शर्मा , जयदीप सिंह, दिनेश कुमार कैन, आमिर हुसैन, गौहर जहां, धर्म सिंह, विजय आनंद, दिनेश सिंह, प्रमोद बंसल हैप्पी, रवि बसोया, वेदपाल सिंह, बबीता तोमर, ममता पांडे, कामरान, ललिता जी ,शकील मलिक ,आदिल मलिक ,महेश कुमार, आदित्य मिश्रा, परविंदर कुमार, सतीश कुमार, पंकज सिंह आदि सैकड़ो सम्मानित अधिवक्ता स्टांप वेंडर और टाइपिस्ट धरना प्रदर्शन में शांतिपूर्ण हिस्सेदारी उप जिलाधिकारी महोदय को ज्ञापन सोपा गया।
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