उत्तर प्रदेश

चौरसिया समाज के भोपाल में 1 अक्टूबर को होने वाले “शक्ति प्रदर्शन” को “समाज जन बनाएं शसक्त” – गौरव चौरसिया

सतना से जिला ब्यूरो चीफ सुनील कुमार दाहिया 

भोपाल। चौरसिया समाज के लोग अपने अधिकारों के प्राप्त करने आगे आएं। अभी तक राजनैतिक दलों ने सिर्फ हमारी वोट प्राप्त करने की राजनीति की है। हमें राजनीतिक भागीदारी से वंचित रखा है। ये बात अखिल भारतीय आदर्श चौरसिया महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव चौरसिया विक्की ने कही। उन्होंने कहा कि भोपाल के भेल मैदान में 1 अक्टूबर को चौरसिया समाज के लोग जुटेंगे और राजनीतिक दलों को अपनी एकता का परिचय देंगें। हम सब अपनी समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए संकल्पित हैं, इसके लिए हमें जो भी निर्णय लेना पड़ेगा हम लेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव ने कहा मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान एवं छत्तीसगढ समेत सभी राज्यों में सर्वे करा लें जिन क्षेत्रों में चौरसिया समाज के लोग प्रभावशाली हैं लोकप्रिय हैं नेतृत्व के लिए क्षमतावान है उन विधानसभा क्षेत्रों में टिकट देना चाहिए। साथ ही आने वाले लोकसभा चुनाव में भी जिन लोकसभा क्षेत्रों में चौरसिया समाज के लोग लोकप्रिय हैं उन लोकसभा क्षेत्रों में प्रत्याशी बनाना चाहिए। उन्होंने कहा की हमारी पान विकास निगम के गठन की मांग दशकों से लंबित है उस पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। चौरसिया समाज की समुचित तरक्की के लिए समाज के व्यक्तियों की सत्ता में राजनीतिक भागीदारी जरूरी है। ये भागीदारी समाज की एकता से ही मिलेगी। 1 अक्टूबर को भोपाल में होने वाले शक्ति प्रदर्शन को समाज के लोग ही शसक्त बना सकते हैं। यदि प्रदर्शन जोरदार रहा तो सभी राजनैतिक दलों के नेताओं का ध्यान आकर्षण होगा और हमें उम्मीद है कि समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी।

तैयारियां शुरू

1 अक्टूबर को भोपाल के भेल मैदान में चौरसिया समाज के होने जा रहे शक्ति प्रदर्शन की तैयारियां शुरू कर दी गई है। जिसमें करीब 50 हजार लोगों के एकत्र होने का लक्ष्य रखा गया है। लोगों से अपने अपने साधनों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की जा रही है। कहा जा रहा है कि जिनके पास कार, बस इत्यादि हैं वे एक दिन के लिए अपनी चौरसिया समाज को समर्पित करें। यात्री बस, रेल्वे आदि से भी लोग आकर प्रदर्शन में शामिल हों। सभी समाज जनों से आग्रह करें कि सिर्फ एक दिन का समय समाज के लिए अपने स्वयं के अधिकारों के लिए दान करें। भोपाल चलें। शक्ति प्रदर्शन में शामिल हों।

समाज के एक-एक व्यक्ति तक पहुंचने के लिए प्रचार सामग्री पैंपलेट का वितरण होना है। पीले चावल से घर घर निमंत्रण देना है। अपने रिश्तेदारों और परिचितों को फोन कर कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता देना है। चूंकि सरकारी कोई सहायता नहीं है जिससे समाज को स्वयं अपनी जिम्मेदारी निभाकर अपने “शक्ति प्रदर्शन” को “सशक्त” बनाना है।

India News Darpan

नोट :- अन्य अपडेट लगातार पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमें ट्वीटर पर भी फॉलो कर सकते हैं| नवीनतम वीडियो न्यूज देखने के लिए हमें यूटूब (Youtube) पर सब्सक्राइब करें।

Related Articles

Back to top button