
बलरामपुर। जिले में श्रम आयुक्त के निर्देश पर श्रम विभाग, यूनिसेफ और उद्दमिता विकास संस्थान के सहयोग से विकास खण्ड बलरामपुर में चलाये जा रहे 25 दिवसीय बाल संरक्षण अभियान का समापन हो गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को बाल संरक्षण के मुद्दों जैसे कि बालश्रम, बाल विवाह और बाल हिंसा के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
साथ ही सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों को देना है। ग्राम पंचायत रोवारी में कार्यकम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आईटीबीपी के असिस्टेंट कमान्डेंट रहमान अली ने ग्राम पंचायत के दो बच्चों शबनम फातिमा और अब्दुल रहीम से बात की। उन्हें पढने के लिए प्रेरित किया। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट बलरामपुर के सलमान और पप्पू सिंह ने बाल विवाह और बाल मजदूरी के प्रति लोगों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि अगर कोई भी व्यक्ति बाल विवाह करता है या करवाता है तो उसे अर्थ दंड और जेल दोनों ही हो सकती है। क्योंकि बाल विवाह कानूनन अपराध है।
इसी तरह नया सवेरा के मनोज तिवारी ने कहा बच्चे देश के भविष्य होते हैं। सरकार ने ऐसे बच्चों, जिनके माता-पिता या कोई भी देख-भाल करने वाला नहीं है। उनके लिए सभी जनपदों में बाल कल्याण समिति का गठन किया है। यह समिति ऐसे बच्चों के देख-भाल और संरक्षण के लिए कार्य करती है। कार्यक्रम के अन्त में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट बलरामपुर के द्वारा इस अभियान को सराहनीय सहयोग देने के लिए आरक्षी सलमान और पप्पू सिंह को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में ग्राम प्रधान अत्तिकुर्रहमान, पंचायत सहायक और आशा बहु आदि काफी लोग मौजूद रहे।
रिपोर्ट– बी०पी० बौद्ध
ब्यूरो चीफ बलरामपुर
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