ओपी राजभर के बदले-बदले सुर,अखिलेश से नजदीकी, भाजपा से दूरी

ओपी राजभर के बदले-बदले सुर,अखिलेश से नजदीकी, भाजपा से दूरी
लखनऊ।उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के अंतिम चरण का प्रचार जोरों पर है।भारतीय जनता पार्टी,समाजवादी पार्टी बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है।इस बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओम प्रकाश राजभर एक बयान की वजह से सुर्खियों में हैं। इस बार ओपी राजभर भाजपा की मुसीबत बढ़ा रहे हैं।
ओपी राजभर अपने बयान में कहा है कि दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर जाता है।मायावती जी के पास जाओ उनका समर्थन मांगो,अगर वो समर्थन नहीं देती हैं तो आप लोग उन्हीं को पीएम मान लो।बरहाल बीते कुछ दिनों से ओपी राजभर के सुर बदले हुए हैं।ओपी राजभर की भाजपा से लगातार दूरी बनती जा रही है।ओपी राजभर ने यूपी में हो रहे एनकाउंटर पर कहा कि योगी की नीति कहां पसंद है,ये संविधान के दायरे से हट कर है।एनकाउंटर संविधान के दायरे में नहीं आता है, ये संविधान से अलग है।
ओपी राजभर योगी सरकार पर सवाल खड़े करते हुए दिखाई दे रहे हैं तो वहीं 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने के लिए फार्मुला भी बता रहे हैं।बीते दिनों के ओपी राजभर बयानों पर नजर डाली जाए तो गठबंधन की तस्वीर साफ नजर आ रही है।ओपी राजभर चाहते है कि सपा,बसपा और कांग्रेस को साथ लेकर आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ मैदान में उतरे।
ओपी राजभर का कहना है कि अगर ये सभी लोग साथ मिलकर भाजपा के खिलाफ गठबंधन करते हैं तो सुभासपा भी उसका हिस्सा बनेगी।ओपी राजभर के बयानों से मिल रहे संकेत से साफ है कि अब ओपी राजभर और भाजपा गठबंधन की चर्चा बीते दिनों की बात हो गई है।ओपी राजभर अब पूरी कोशिश भाजपा के खिलाफ राज्य में महागठबंधन बनाने पर है।बरहाल अब तक ओपी राजभर अपने बयानों से ही केवल इसका संकेत दिया है।
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